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Poetry (English)

The Street Light

The street light flickers,
Yellow black yellow black …
The still pattern moves on
And with it, around it,
Flies and insects
Battering again and again against
The flickering lamp.
The glass; they curse it,
For it is a hurdle, a screen.

A little girl watches
From her window,
The flickering light,
Yellow black yellow black …

A young woman takes timid steps,
Afraid of the dark and night,
Gets more frightened
When someone passes by.
A dog is barking.
She tries to revise in mind
All in defence class, she had learnt,
But the tongue instead, prays.
She finds some relief in
The dog’s bark.
She smiles, he wags his tail.
The light flickers, flickers …
The dog suddenly howls,
Perhaps, is kicked.

The little girl shuts the window
And runs to her mother
Crying

© Muntazir
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Poetry (Hindi-Urdu)

फिर हवाओं में

फिर हवाओं में वही आवाज़ सुनाई देती है
वही आवाज़ जो भीड़ में भी तन्हाई देती है

जैसे बुझने से पहले लौ कुछ तेज़ दहकती है
कि ज़मीं पर गिरती पत्तियां अंगड़ाई लेती हैं

निकहत तो आती है‌ हवा के हल्के झोंकों से
आंधी बस चमन-ओ-बाग़ तबाह कर देती है

चमकते सूरज की गर्मी से उसका क्या लेना
वो तो लाश-सी किसी मदफ़न में लेटी है

सुनसान गलियां डरा देती हैं आज भी उसे
हर चीख़ में उसे अपनी चीख़ सुनाई देती है


پھر ہواؤں میں وہی آواز سنائی دیتی ہے
وہی آواز جو بھیڑ میں بھی تنہائی دیتی ہے

جیسے بجھنے سے پہلے لو کچھ تیز دہکتی ہے
کی زمیں پر گرتی پتیاں انگڑائی لیتی ہیں

نکہت تو آتی ہے ہوا کے ہلکے جھونکوں سے
آندھی بس چمن-او-باغ تباہ کر دیتی ہے

چمکتے سورج کی گرمی سے اسکا کیا لینا
وہ تو لاش-سی کسی مدفن میں لیتی ہے

سنسان گلیاں ڈرا دیتی ہیں آج بھی اسے
ہر چیخ میں اس اپنی چیخ سنائی دیتی ہے


© Muntazir
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Poetry (Hindi-Urdu)

हाशिए पर करवटें

हाशिए पर करवटें ले रही इक जान है
धुंधले आईनों से चमक उठने लगी है

टूटकर सितारे गर बिखर गए तो क्या हुआ
दहकते शोलों से चिंगारियां फिर उड़ने लगी हैं

अलाहिदा हो गई थीं जो क़ौमे किसी हिज्र में
एक बार फिर काबे की ओर मुड़ने लगी हैं

ये जब्र ओ कैद ओ बेड़ियां सब टूट जाएंगी
के बहर-ए-शबाब देखो कैसे जुड़ने लगी है

ये तड़प ओ आह ये चीखें जो सिसकती हैं जा-ब-जा
हाय अब चुप न रहेंगी कि कलम चलने लगी हैं

© Muntazir
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